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Beautiful Poetry- Suna Hai Ki Log Use Dekhate Hi Thaher Jate hain- Poetry-Think Tank Akhil

Beautiful Poetry- Suna Hai Ki Log Use Dekhate Hi Thaher Jate hain- Poetry

Beautiful Poetry- Suna Hai Ki Log Use Dekhate Hi Thaher Jate hain- Poetry


सुना है कि लोग उसे देखते ही ठहर जाते हैं
तो एक बार हम भी उस रस्ते से गुज़र जाते हैं

सुना है की वो मल्लिका है हुश्न की
शहर वाले भी हुश्न का दीदार कर के जाते हैं

सुना है की पसंद है उसे शेर-ओ-शायरी
तो हम उसे अपना भी हुनर दिखा जाते हैं

सुना है चाँद से ज्यादा उसे देखते है लोग
सितारे भी फलक से उसकी डगर जाते हैं

सुना है की वो गुलाब की पंखुड़ियों सी है कोमल
तो भौंरे भी उसको सिर्फ देखकर गुजर जाते हैं

सुना है उसकी कोयल सी मीठी है आवाज
जिसे सुनने को ज़माने ठहर जाते हैं

Beautiful Poetry- Suna Hai Ki Log Use Dekhate Hi Thaher Jate hain- Poetry


सुना है की वो साहिल सी हसीन है
समुन्दर भी देखने को उसको उछल जाते हैं

सुना है उसके लबों से शराब जलते हैं
तो हमारे मधुशाला के रास्ते बदल जाते हैं

उसकी एक नज़र से लुट जाते है दिल
रईश भी वहाँ से फ़कीर बन के जाते हैं

बहुत मशहूर है कहानियाँ उसकी
शहर में ख्वाब उसके ही बस देखे जाते हैं

सुना है खूबसूरती की महफ़िल है वो
जहाँ उसके चाहने वाले ही उससे जल जाते हैं

एक ज़माने से नहीं है उसकी कोई खबर
तो चलो 'अखिल' एक बार उनसे मिल के आते हैं।


✍️ -अखिलेश द्विवेदी

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