क्या इसी लिए हमने आजादी पाई थी | Kya Isi Liye Humne Azadi Paai Thi | Independence Day | Think Tank Akhil
क्या इसी लिए हमने आजादी पाई थी? धर्म के नाम पर गला काट दिया भाषाओं के नाम पर हमें बांट दिया, फूलों को भी हमने उनकी जाति बताई थी, क्या यही सोचकर उन लोगों ने यह क्रांति चलाई थी? क्या हुआ उनके सपनों का, जो सोचा था उन वीरों ने, जिस अखंड भारत के लिए वो जकड़ गए जंजीरों में, क्या उनके मन में भी कभी सत्ता की लालच आई थी? क्या इसी लिए हमने आजादी पाई थी? बेटियां गर्भ में मरती हैं या फिर मरती हैं अंधियारों में, क्या इसी भारत के लिए वो थे चारदीवारों में? जो सोचा था उन लोगों ने बस एक ख्याली खीर बनाई थी, क्या इसी लिए हमने आजादी पाई थी? ✍️ -अखिलेश द्विवेदी Follow Friends, If you like the post, Comment below and do share your response. Thanks for reading 😃